कई दिनोसे दिलमे अजीबसी हलचल है
कुछ है उसके पास मुझे देने के लिये
एक रुनझुनता शोर है
ता-उम्र सुकुत के लिये
कुछ रंगभरे अल्फ़ाज़
बेकरार है कागज़ पे उतरने के लिये
कचे-पक्के रेशमी धागे
पुरी दुनिया बुनने के लिये
कुछ सादगी भरे सुर है
बाँसुरी मै समाने के लिये
एक हरभरा मौसम
गुलमोहर से खिलने के लिये
और एक साँवरा रंग है
मुझे दिवानी बनाने के लिये
wah wah... vaibhavi masta... ekdam...
ReplyDeletegood one!!!!!
ReplyDeletemast :) ,,, keep it up
ReplyDelete@Vikram, RJ, Resh
ReplyDeleteThanx
really nice
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