बस कुछ दिनो की बात है
मौसम बदल जाएगा
आज बारीश है
कल कोहरा आएगा
तुम भी आ जाओ
युही टहलते हुए
एक चाय बाट लेंगे
कुछ बिस्कुट मैने बचाकर रखी हैं
इसी शाम के लिए
तरोताजा होंगे
धूप की यादो से
थंडी में काम आयेंगी
रोजमरहा की जिंदगी
सेकने के लिये
वैसेभी अधपकी चीजे
स्वाद बीगाड देती है
तो इसबार थोडा रुक जाना
तबतक मैं भी थोडी
तय्यारी कर लू
सोचती हुं
क्या भेजू तुम्हारे साथ ??
जमी का इक सूखा टुकडा
बचा है मेरे पास
आस का बीज बोया हुआ
शायद तुम वापस आओ
पेड लौटाने के बहाने
---- वैभवी भिडे
मौसम बदल जाएगा
आज बारीश है
कल कोहरा आएगा
तुम भी आ जाओ
युही टहलते हुए
एक चाय बाट लेंगे
कुछ बिस्कुट मैने बचाकर रखी हैं
इसी शाम के लिए
तरोताजा होंगे
धूप की यादो से
थंडी में काम आयेंगी
रोजमरहा की जिंदगी
सेकने के लिये
वैसेभी अधपकी चीजे
स्वाद बीगाड देती है
तो इसबार थोडा रुक जाना
तबतक मैं भी थोडी
तय्यारी कर लू
सोचती हुं
क्या भेजू तुम्हारे साथ ??
जमी का इक सूखा टुकडा
बचा है मेरे पास
आस का बीज बोया हुआ
शायद तुम वापस आओ
पेड लौटाने के बहाने
---- वैभवी भिडे