ये उस रात की बात है
जब आप भी बात किया करते थे
कुछ किस्से थे कुछ गीत थे
कुछ खास मेरे लिये लिखी गई कहानिया भी
तारे भी राह देखते थे सुबह की
हमारी इक झलक पातेही उनकी राते जगमगा उठती थी
वो एक दौर था ये एक दौर है
रात तरसती है सुनने के लिये
और हम बोलकेभी कुछ कह नही पाते
ये अलग बात है की
आप कुछ सुनना भी नही चाहते
मगर युही कभी कभी मेरे दिल में ये खयाल आता है
काश हम आपसे वो बात कह पाते
कोई कहानी शुरू हो भी जाती
सुनने सुनाने के लिये
----- वैभवी भिडे
जब आप भी बात किया करते थे
कुछ किस्से थे कुछ गीत थे
कुछ खास मेरे लिये लिखी गई कहानिया भी
तारे भी राह देखते थे सुबह की
हमारी इक झलक पातेही उनकी राते जगमगा उठती थी
वो एक दौर था ये एक दौर है
रात तरसती है सुनने के लिये
और हम बोलकेभी कुछ कह नही पाते
ये अलग बात है की
आप कुछ सुनना भी नही चाहते
मगर युही कभी कभी मेरे दिल में ये खयाल आता है
काश हम आपसे वो बात कह पाते
कोई कहानी शुरू हो भी जाती
सुनने सुनाने के लिये
----- वैभवी भिडे
No comments:
Post a Comment